मुहब्बत में ज़रूरी चीज़ का चर्चा हुआ जैसेसभी हॅंसने लगे बेहद, कहा उस ने वफ़ा जैसेबिछड़ते वक़्त वो ऐसे गले से लिपटी थी 'काविश'कि उस का दिल मेरे सीने में आ कर धस गया जैसे— "Nadeem khan' Kaavish"