भोले सब के हैं
न दानव देवता का भेद भोले साथ सब के हैं
सरलतम बात इतनी है कि भोलेनाथ सब के हैं
अगर अनुराग नन्दी सा है तो शिव के निकट हैं आप
कि माया-मोह तज कर भी फ़क़ीरी में विकट हैं आप
उठाओ हाथ गा कर गाथ काशी-नाथ सब के हैं
सरलतम बात इतनी है कि भोलेनाथ सब के हैं
न दुगना राम से है स्नेह रावण से न है आधा
न भक्तों के लिए विषपान करने में इन्हें बाधा
वो शिव ही हैं जिन्हें अपना बनाना हाथ सब के है
सरलतम बात इतनी है कि भोलेनाथ सब के हैं
— Karal 'Maahi'















