वो कोई और है दामन को भिगोने वाला
इश्क़ में हार के मैं तो नहीं रोने वाला
गालियाँ दी थी जिसे उस के क़सीदे लिक्खूँ
यार ये काम तो मुझ से नहीं होने वाला
अपनी तक़दीर के हाथों का खिलौना ही रहा
वैसे बच्चे मुझे कहते हैं खिलौने वाला
— Kashif Sayyed
इश्क़ में हार के मैं तो नहीं रोने वाला
गालियाँ दी थी जिसे उस के क़सीदे लिक्खूँ
यार ये काम तो मुझ से नहीं होने वाला
अपनी तक़दीर के हाथों का खिलौना ही रहा
वैसे बच्चे मुझे कहते हैं खिलौने वाला
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