khoob suhaani lagti hai aamad tanhaaii ki | ख़ूब सुहानी लगती है आमद तन्हाई की

  - Shayra kirti

ख़ूब सुहानी लगती है आमद तन्हाई की
धीरे धीरे बढ़ती है फिर ज़द तन्हाई की

दिल भर आना दम का घुटना साँसें रुक जाना
हमने सूरत देखी बदस बद तन्हाई की

गिन के तेरह दोस्त हैं फिर भी शे'र पड़े कहने
शायद ये ही होती होगी हद तन्हाई की

प्यार के रस्ते मजनूँ मीरा बुध तक जाते हैं
प्यार से सटकर लगती है सरहद तन्हाई की

इसके आगे कीर्ति तुमको कोई ख़ौफ़ नहीं
तुमने पार जो कर ली है हर हद तन्हाई की

  - Shayra kirti

Democracy Shayari

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