बात सच्ची है बुरी लगती है तो लगती रहे
हुक्मरानों के क़सीदे मैं पढूँगा छोड़िए
कब ख़ुशी ग़म में बदल जाए किसे मालूम है
कब कोई बच्चा किसी झूले से नीचे आ गिरे
कोई रस्ता चल के तेरे घर तो आएगा नहीं
घर से बाहर रख क़दम दिखने लगेंगे रास्ते
इनविटेशन पढ़ लिया है मैं ने शादी का तेरी
तू बस अपनी चैट पढ़ ले और वादे देख ले
देखता था तू मुहब्बत में झुके सर को मेरे
हर्ट करने वाले अब ईगो का लेवल देख ले
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