तुम 'इश्क़ छोड़ो वो तो बात भी नहीं करता
चराग़ ऐसा है जो रौशनी नहीं करता
कुछ एक दर्द फ़क़त औरतों के हिस्से हैं
कुछ एक काम है जो आदमी नहीं करता
फ़लक से चाँद सितारे नहीं गिरा सकता
मैं 'इश्क़ करता हूँ जादूगरी नहीं करता
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