शा'इरी के सिवा और भी काम हैक़ाफ़िया के बिना शे'र बदनाम हैचाय सिगरेट रोटी मकाँ सब तो हैफिर भी बन्दे को क्यूँ रोना हर शाम है— Harsh Kumar Bhatnagar