मेरे दिल का दर्द मिटा कर तो जाते
दिक़्क़त क्या है आप बता कर तो जाते
छोड़ गए हो जीवन भर रोने के लिए
मुझ को जाते वक़्त हँसा कर तो जाते
रहना है कैसे तुम बिन जाना मुझ को
थोड़ा सा ये भी समझा कर तो जाते
तेरी ये यादें पागल कर देती हैं
इनको भी कुछ यार सिखा कर तो जाते
अब भी लोग समझते हैं तुम मेरे हो
तुम इक सच का शोर मचा कर तो जाते
अलमारी ख़ाली है ख़ुशियों से मेरी
इक दो कपड़े यार लगा कर तो जाते
इक ग़म रहता है मेरे दिल में हर दम
तुम दूरी का जश्न मना कर तो जाते
— Manish watan















