शहर का मसअला रास्ते के लिए

  - Manohar Shimpi

शहर का मसअला रास्ते के लिए
लोग हैं सब ख़फ़ा लाल चेहरे लिए

ख़ास अशआर ही थे तुम्हारे लिए
ज़िक्र उसका करूँॅं क्यूँँ किसी के लिए

आजकल हादिसे ख़ूब होते रहें
लोग होते बहुत देखने के लिए

सात जन्मों के ही साथ को छोड़ के
बेवफ़ा कुछ हुए सात फेरे लिए

दिल बड़ा है तो फिर बात करते चलो
दर्द ही बाटते वास्ते के लिए

  - Manohar Shimpi

More by Manohar Shimpi

As you were reading Shayari by Manohar Shimpi

Similar Writers

our suggestion based on Manohar Shimpi

Similar Moods

As you were reading undefined Shayari