आँखों में यादों का समुंदर ढूँढ़नामुश्किल है अंदर घर के ही घर ढूँढ़नाउम्मीद क़ायम है मगर आसाँ नहींतन्हा लबों पे धुँधले अक्षर ढूँढ़नाथे साथ जिसमें हम कभी दोनों बशरमुमकिन हो तो वो एक मंज़र ढूँढ़ना— Ankur Mishra