इक - इक कर सब कुछ खोना है
मुझ को तो हरदम रोना है
मौत नहीं आती है जब तक
देह को इस तब तक ढोना है
शब भर नींद नहीं आती अब
माँ की गोदी में सोना है
क्यूँ हम रोक नहीं सकते वो
होने वाला जो होना है
तू जिस की मर्ज़ी हो ले पर
मुझ को तो तेरा होना है
तेरे बिन सुन जान हमारी
सूना दिल का हर कोना है
छोड़ के ऐसे मत जा मुझ को
तू मेरा बाबू सोना है
— Manoj Arya















