दरिया गहरा हैं मगर पार किया जाएगाबीच से राह को हमवार किया जाएगामैं परिंदों की मुहब्बत में मरूँगा इक दिनमुझ को मिन-जुम्ला-ए-अशजार किया जाएगा— Moin Hasan