Top 20 Charity Shayari

Charity Shayari beautifully captures the spirit of kindness, daan, and insaniyat. These poetic lines reflect the power of helping others, sharing blessings, and spreading compassion. Whether it’s about giving, empathy, or humanity, charity shayari inspires hearts to act with love and generosity.

मैं अपनी जान हथेली पे ले के आया हूँ किसी की जान का सदक़ा निकालना है मुझे — Shakir Dehlvi
साल भर पढ़ते रहे बस पाई, थीटा दुख ग़रीबी का मिटाने के लिए हम — Govind kumar
कंठ से ज़हर नीचे आ पहुँचा भोले शंकर मदद करो मेरी — Sohil Barelvi
मिल गई ख़ैरात में उस को ज़रा सी रौशनी क्या वो समझने ये लगा है जेब में सूरज पड़ा है — Akash Gagan Anjaan
मैं माँगू वक़्त नोटों सा तू चिल्लड़ सा थमा जाए तेरी ख़ैरात में अपना गुज़ारा हो नहीं सकता — Firdous khan
हिक़ारत से मिला एज़ाज़ हम ठोकर पे रखते हैं मुहब्बत से कोई दे दे तो फिर ख़ैरात चलती है — Qadeer Asad
बहुत मज़ाक़ उड़ाते हो तुम ग़रीबों का मदद तो करते हो तस्वीर खींच लेते हो — Nawaz Deobandi
जिस ने कुछ एहसाँ किया इक बोझ सर पर रख दिया सर से तिनका क्या उतारा सर पे छप्पर रख दिया — Jalal Lakhnavi
हॅंसो फिर आज खेलो ध्यान भी करना मिला दिन ख़ास जी लो दान भी करना — Vinod Ganeshpure
तदबीर के दस्त-ए-रंगीं से तक़दीर दरख़्शाँ होती है क़ुदरत भी मदद फ़रमाती है जब कोशिश-ए-इंसाँ होती है — Hafeez Banarasi
जिस्म से आती है मेरे जो ग़रीबी की महक इस लिए ईद को सीने से लगाया न गया — ''Akbar Rizvi"
सभी राज़-दाँ हैं जहाँ में हमारे किसी से भी अब कोई ख़तरा नहीं है — Sohil Barelvi
हज़रत-ए-दिल पे इतने ज़ुल्म-ओ-सितम हुस्न-दाँ मत करो ख़ुदा के लिए — Shajar Abbas
गुलाब चाँदनी-रातों पे वार आए हम तुम्हारे होंटों का सदक़ा उतार आए हम — Azhar Iqbal
ज़ुल्म माशूक़ा के सहो हँस कर इश्क़ का सदक़ा और ज़कात है ये — A R Sahil "Aleeg"
रौनक़-ए-शहर-ए-सुख़न ताज़ा सुख़न-दान हैं हम मीर-ओ-ग़ालिब की तरह साहिब-ए-दीवान हैं हम — Shajar Abbas
मदद के वास्ते जो हर घड़ी तय्यार मिलते हैं बड़ी क़िस्मत से ही दुनिया में ऐसे यार मिलते हैं — MAHESH CHAUHAN NARNAULI