Top 20 Tamanna Shayari

Tamanna shayari expresses the deep desires, silent wishes, and unspoken dreams of the heart. It captures those khwahish that stay hidden yet powerful, shaping emotions and relationships. Explore shayari that beautifully reflects longing, hope, and the gentle pull of what the heart truly wants.

इक तर्ज़-ए-तग़ाफ़ुल है सो वो उन को मुबारक इक अर्ज़-ए-तमन्ना है सो हम करते रहेंगे — Faiz Ahmad Faiz
कुछ इस लिए भी तेरी आरज़ू नहीं है मुझे मैं चाहता हूँ मेरा इश्क़ जावेदानी हो — Vipul Kumar
उस की हसरत है जिसे दिल से मिटा भी न सकूँ ढूँडने उस को चला हूँ जिसे पा भी न सकूँ — Ameer Minai
झिझकता हूँ उसे इल्ज़ाम देते कोई उम्मीद अब भी रोकती है — Shariq Kaifi
मरने का है ख़याल ना जीने की आरज़ू बस है मुझे तो वस्ल के मौसम की जुस्तजू — Muzammil Raza
मैं अब किसी की भी उम्मीद तोड़ सकता हूँ मुझे किसी पे भी अब कोई ए'तिबार नहीं — Jawwad Sheikh
इस दुनिया के कहने पर उम्मीद न रक्खो पत्थर रख लो सीने पर उम्मीद न रक्खो — Vishal Singh Tabish
मुझे ये डर है तेरी आरज़ू न मिट जाए बहुत दिनों से तबीअत मिरी उदास नहीं — Nasir Kazmi
किसी मंज़िल में भी हासिल न हुआ दिल को क़रार ज़िन्दगी ख़्वाहिश-ए-नाकाम ही करते गुज़री — Qaisar Shameem
पेड़ मुझे हसरत से देखा करते थे मैं जंगल में पानी लाया करता था — Tehzeeb Hafi
मुझे दुश्मन से भी ख़ुद्दारी की उम्मीद रहती है किसी का भी हो सर क़दमों में सर अच्छा नहीं लगता — Javed Akhtar
न जी भर के देखा न कुछ बात की बड़ी आरज़ू थी मुलाक़ात की — Bashir Badr
चलो माना कि रोना मसअले का हल नहीं लेकिन करे भी क्या कोई जब ख़त्म हर उम्मीद हो जाए — Bhaskar Shukla
इन से उम्मीद न रख हैं ये सियासत वाले ये किसी से भी मोहब्बत नहीं करने वाले — Nadim Nadeem
'हसरत' की भी क़ुबूल हो मथुरा में हाज़िरी सुनते हैं आशिक़ों पे तुम्हारा करम है आज — Hasrat Mohani
ज़िंदगी में तब से चाहत की रही नइँ जुस्तुजू जब से हम ने आपसे पहली दफ़ा की गुफ़्तगू — Bhawna Bhatt
आरज़ू है कि तू यहाँ आए और फिर उम्र भर न जाए कहीं — Nasir Kazmi
कुछ नज़र आता नहीं उस के तसव्वुर के सिवा हसरत-ए-दीदार ने आँखों को अंधा कर दिया — Haidar Ali Aatish
मेरा बिखरा बिखरा तन-मन सिमट गया किसी चाहत से जान गई हूँ भेद मैं तेरी बाहों की गीराई का — Irfana Azeez