0

भुला पाना बहुत मुश्किल है सब कुछ याद रहता है - Munawwar Rana

भुला पाना बहुत मुश्किल है सब कुछ याद रहता है
मोहब्बत करने वाला इस लिए बरबाद रहता है

अगर सोने के पिंजड़े में भी रहता है तो क़ैदी है
परिंदा तो वही होता है जो आज़ाद रहता है

चमन में घूमने फिरने के कुछ आदाब होते हैं
उधर हरगिज़ नहीं जाना उधर सय्याद रहता है

लिपट जाती है सारे रास्तों की याद बचपन में
जिधर से भी गुज़रता हूंमैं रस्ता याद रहता है

हमें भी अपने अच्छे दिन अभी तक याद हैं 'राना'
हर इक इंसान को अपना ज़माना याद रहता है

- Munawwar Rana

Parinda Shayari

Our suggestion based on your choice

More by Munawwar Rana

As you were reading Shayari by Munawwar Rana

Similar Writers

our suggestion based on Munawwar Rana

Similar Moods

As you were reading Parinda Shayari