बे-लौसमोहब्बतकासिलाढूँढ़रहाहूँ
नादाँहूँयेइसशहरमेंक्याढूँढ़रहाहूँ
इकमोड़पेटूटेहुएखंडरसेमकाँमें
गुज़रेहुएलम्होंकापताढूँढ़रहाहूँ
मुद्दतसेयेख़ंजरमिरेसीनेमेंहैऔरमैं
रिसतेहुएज़ख़्मोंकीदवाढूँढ़रहाहूँ
दीवानाजिसेसंग-तराशीकाजुनूँहै
कहताहैकिपत्थरमेंख़ुदाढूँढ़रहाहूँ
मुंसिफ़तिरेइंसाफ़सेवाक़िफ़हूँतभीतो
ना-कर्दागुनाहोंकीसज़ाढूँढ़रहाहूँ
येशामऔरउसपरतिरीयादोंकीहलावत
इकजाममेंदोशयकानशाढूँढ़रहाहूँ