कौन तेरे घर की दीवारें चौखट चूमेगाकौन तेरी आँखों में अपनी आँखें रोपेगाकौन बताएगा तुझ को तू दुनिया है उस कीकौन तेरी दुनिया में अपनी दुनिया देखेगा— nakul kumar