हाँ उसे बातें कुछ बतानी थी
फिर हमें हाँ में हाँ मिलानी थी
गर मोहब्बत कई कहानी है
तो हमारी भी इक कहानी थी
हम सेफ़र तो नए नए ही है
दोस्ती तो बड़ी पुरानी थी
कारना
में बहुत किए हमने
वो भी तो क्या अरे जवानी थी
लड़की आईना से वो सजती है
शायरी से हमें सजानी थी
जाम मयखाने में बचे होते
साकी़ ने और भी पिलानी थी
ढूँढते हो 'निकुंज' क्या उसको
जो रवानी थी वो रवानी थी
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