ज़िन्दगी जीने को क़ायदा चाहिए
सादगी में छुपी वो अना चाहिए
कोई रिश्ते निभाता नहीं अब यहाँ
इस बनावट से भी फ़ासला चाहिए
ज़ख़्म गहरे न भरता कभी वक़्त भी
दर्द को फिर अदद सी दवा चाहिए
चाँद सूरज सी दूरी रहे दरमियाँ
अब ज़रूरी कोई फ़ैसला चाहिए
कोई इंसान तो मिलता ही अब नहीं
पर सभी को यहाँ पे ख़ुदा चाहिए
— Harpreet Kaur















