हम हैं दरवेश घर से क्या हम कोहर कहीं पर मिला ख़ुदा हम कोदश्त हो सहरा हो समुंदर होहर तरफ़ बस वही दिखा हम कोसूफ़ियाना मिज़ाज है अपनाराम अल्लाह सब एक सा हम कोहुस्न-ए-यूसुफ़ सियाह रंग का थासूरत-ए-कृष्ण में दिखा हम कोया तो दिल में सँभाल के रख प्रीतया तेरे नैनों से बहा हम को— Pritesh Bunker