तेरी तस्वीर को सीने से लगा रक्खा हैमैं ने इक राज़ को ही दिल में बसा रक्खा हैआ ही जाता है तू हर बार मिरे ख़्वाबों मेंतेरी ही याद ने दीवाना बना रक्खा हैं— Parvez Shaikh