be-naqaab un ki jafaon ko kiya hai main ne | बे-नक़ाब उन की जफ़ाओं को किया है मैं ने

  - Qamar Moradabadi

बे-नक़ाब उन की जफ़ाओं को किया है मैं ने
वक़्त के हाथ में आईना दिया है मैं ने

ख़ून ख़ुद शौक़ ओ तमन्ना का किया है मैं ने
अपनी तस्वीर को इक रंग दिया है मैं ने

ये तो सच है कि नहीं अपने गरेबाँ की ख़बर
तेरा दामन तो कई बार सिया है मैं ने

रसन ओ दार की तक़दीर जगा दी जिस ने
तेरी दुनिया में वो ऐलान किया है मैं ने

हर्फ़ आने न दिया 'इश्क़ की ख़ुद्दारी पर
काम नाकाम तमन्ना से लिया है मैं ने

जब कभी उन की जफ़ाओं की शिकायत की है
तजज़िया अपनी वफ़ा का भी किया है मैं ने

मुद्दतों बाद जो इस राह से गुज़रा हूँ 'क़मर'
अहद-ए-रफ़्ता को बहुत याद किया है मैं ने

  - Qamar Moradabadi

Yaad Shayari

Our suggestion based on your choice

More by Qamar Moradabadi

As you were reading Shayari by Qamar Moradabadi

Similar Writers

our suggestion based on Qamar Moradabadi

Similar Moods

As you were reading Yaad Shayari Shayari