तरह तरह के सवालात करते रहते हैं
अब अपने आप से हम बात करते रहते हैं
अता हुई है हमें जब से दौलत-ए-एहसास
ग़मों से सब के मुलाक़ात करते रहते हैं
ख़ुशी में ख़ुश हूँ मैं जिन की उन्हें ये क्या मालूम
कि ख़ुद-कुशी मिरे जज़्बात करते रहते हैं
नसीहतें न करें अब तो क्या करें कि 'रईस'
यूँही तलाफ़ी-ए-माफ़ात करते रहते हैं
— Raees Rampuri















