मुझे देखने वाले सोचा करेंगे
सभी फिर मुहब्बत से तौबा करेंगे
जो कहते है ये वक़्त रुकता नहीं है
अगर वक़्त रुक जाए तो क्या करेंगे
नहीं कोई आएगा दिल में हमारे
हम इस कमरे को इतना तन्हा करेंगे
कहानी तुम्हारी नई तो नहीं है
कि टूटे हैं दिल और टूटा करेंगे
हमारी उदासी हमारी क़बा है
हम अब इस की तासीर पैदा करेंगे
तुम उस चाँद का अक्स हो इस ज़मीं पर
तुम्हें देखने वाले देखा करेंगे
हमारे ही आईने को चूमकर हम
हर इक आँसुओं को सुनहरा करेंगे
शजर काटते वक़्त सोचा नहीं क्यूँँ
वो बे-घर परिंदे सभी क्या करेंगे
हमें कामयाबी की दरकार है राज
हम अब ख़्वाब अपने तराशा करेंगे
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