मतलबी शा'इरी नहीं करता
हम-सुख़न ख़ुद-कुशी नहीं करता
आज उस से पड़ा है काम मुझे
बात जो काम की नहीं करता
इतनी चाहत से नोचता है कोई
चीखने तक को जी नहीं करता
— Raushan miyaa'n
हम-सुख़न ख़ुद-कुशी नहीं करता
आज उस से पड़ा है काम मुझे
बात जो काम की नहीं करता
इतनी चाहत से नोचता है कोई
चीखने तक को जी नहीं करता
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