"याद"
जब टूटे पत्तों सा हम शाखों से
तब हँसते हँसते नम आँखों से
आँसू के संग शब्द भी बहता गया
जो कहना नहीं था कहता गया
तब झूठ कहा था सब मैं ने
कर देंगे हर फ़ोटो और नंबर डिलीट
और नहीं करेंगे याद तुम्हें
पर ये पागल अब भी करता
बहुत याद तुम्हें
— RAJAT KANAUJIYA RAJAT















