अब न रंजो मलाल रक्खेंगे
सामने हर सवाल रक्खेंगे
तुम हमारा ख़याल रखते हो
हम तुम्हारा ख़याल रक्खेंगे
नौनिहालों को शे'र कहने दो
शा'इरी का जमाल रक्खेंगे
हाल जो है उसे छुपाना क्या
हाल जो है सो हाल रक्खेंगे
हम न होंगे अगर ज़माने में
सब हमारी मिसाल रक्खेंगे
— Saarthi Baidyanath















