एक सा है ख़याल दोनों का
ओर फिर ख़ून लाल दोनों का
तुम मुझे भूल तो ना जाओगे
था यही इक सवाल दोनों का
साथ रह कर रहे जुदा दोनों
इश्क़ था भी कमाल दोनों का
एक दिन होश खो दिया साबिर
एक दिन ख़त्म साल दोनों का
— Sabir Pathan
ओर फिर ख़ून लाल दोनों का
तुम मुझे भूल तो ना जाओगे
था यही इक सवाल दोनों का
साथ रह कर रहे जुदा दोनों
इश्क़ था भी कमाल दोनों का
एक दिन होश खो दिया साबिर
एक दिन ख़त्म साल दोनों का
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