ये झूठों फ़रेबों अज़ाबों की दुनियाये चेहरों पे रक्खे नक़ाबों की दुनियाये दुनिया नहीं है हमारी हक़ीक़तये उल्टे सवालों जवाबों की दुनिया— Sachin Seth Ghazi