इकख़्वाबकेमौहूमनिशाँढूँडरहाथा
मैंहद्द-ए-यक़ींपरभीगुमाँढूँडरहाथा
साएकीतरहभागतेमाहौलकेअंदर
मैंअपनेख़यालोंकाजहाँढूँडरहाथा
जोराज़हैवोखुलकेभीइकराज़हीरहजाए
इज़हारकोमैंऐसीज़बाँढूँडरहाथा
मरहमकीतमन्नाथीमुझेज़ख़्मसेबाहर
दरमाँथाकहाँऔरकहाँढूँडरहाथा
शायदकिवोवाक़िफ़नहींआदाब-ए-सफ़रसे
पानीमेंजोक़दमोंकेनिशाँढूँडरहाथा
कबथाउसेअंदाज़ा'सहर'संग-ए-फ़लकका
शीशेकेमकाँमेंजोअमाँढूँडरहाथा