tumhaare dil men hamaara khyaal hai ki nahin | तुम्हारे दिल में हमारा ख़याल है कि नहीं

  - SALIM RAZA REWA

तुम्हारे दिल में हमारा ख़याल है कि नहीं
कि साथ छोड़ने का कुछ मलाल है कि नहीं

तुझे लगा था कि मर जाऊँगा जुदा होकर
तेरे बग़ैर हूँ ज़िंदा कमाल है कि नहीं

नहीं कहा था जो देखोगे होश खो दोगे
बताओ यार मेरा बेमिसाल है कि नहीं

खिला रहा है जो बच्चों को तू मोहब्बत से
ये देख ले कि ये रोज़ी हलाल है कि नहीं

बुलंदियों पे पहुँचकर गिरे जो नज़रों से
तुम्ही बताओ कि ये भी ज़वाल है कि नहीं

ख़ुद अपने आपको माज़ी से जोड़ने वाले
बता कि तुझ
में वो जाह-ओ-जलाल है कि नहीं

रज़ा बताओ कि तर्क-ए-तअल्लुक़ात के बाद
हमारे जैसा ही उनका भी हाल है कि नहीं

  - SALIM RAZA REWA

Khyaal Shayari

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