ye duniya khoobsurat hai zamaana khoobsurat hai | ये दुनिया ख़ूबसूरत है ज़माना ख़ूबसूरत है

  - SALIM RAZA REWA

ये दुनिया ख़ूबसूरत है ज़माना ख़ूबसूरत है
मोहब्बत की नज़र से देखने की बस ज़रूरत है

 
वो मेरे बिन तड़पते हैं मैं उनके बिन तड़पता हूँ

यही तो उनकी चाहत है यही मेरी मोहब्बत है
 

वो ख़ालिक़ है वो मालिक है वो दाता है ज़माने का
उसी के हाथ इज़्ज़त है उसी के हाथ शोहरत है

 
मोहब्बत से ही दुनिया का हर एक दस्तूर ज़िंदा है

हर इक रिश्ता हर इक नाता मोहब्बत की बदौलत है
 

सभी को प्यार से मिलने की आदत है 'रज़ा' हमको
यही इंसानियत है और ये अनमोल दौलत है

  - SALIM RAZA REWA

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