दिल-ओ-दिमाग़ में हर वक़्त चल रहा है वोमेरे ख़यालों की हस्ती कुचल रहा है वोपटक पटक के निचोड़ा जो उस की यादों कोतो मेरी आँख के रस्ते निकल रहा है वो— SALIM RAZA REWA