रहमतें बरसती हैं हर घड़ी मदीने मेंक्या हसीन मंज़र है हर तरफ़ उजाला हैमाँग ले रज़ा तू भी मुस्तफ़ा के सदक़े मेंरब ने उन के सदक़े में मुश्किलों को टाला है— SALIM RAZA REWA