तू कहे तो मैं खुरच डालूँ बदन को लेकिनतेरी ख़ुशबू मेरी साँसों से मिटाऊँ कैसेतुझ से फ़ुर्सत ही नहीं मिलती मेरी जान मुझेतो ख़यालों में किसी और को लाऊँ कैसे— SALIM RAZA REWA