कैसे हो क्या है हाल मत पूछो

मुझ से मुश्किल सवाल मत पूछो

किस ने तुम को सताया है इतना
किस लिए है मलाल मत पूछो

क्यूँ वो ख़ुद को नज़र नहीं आता
क्यूँ है शीशे में बाल मत पूछो

जब्र किस का है कौन है मजबूर
किस ने फेंका है जाल मत पूछो

कौन मिरी ख़ुशी का दुश्मन है
मुझ से तुम उस का हाल मत पूछो

— Salman Akhtar

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Nazar Shayari

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