साथ हँसने लगे वो हँसी चाहिएउम्र भर के लिए बस यही चाहिएबिन तेरे हो अगर चार दिन ज़िंदगीएक पल भी नहीं ज़िंदगी चाहिए— Sandeep Singh Chouhan "Shafaq"