
चराग़ों से सबा की तुम रवानी यार मत पूछो
तवायफ़ से यहाँ उस की जवानी यार मत पूछो
मुलाज़िम एक सरकारी मुहब्बत ले गया याँ सो
अलम जानो हमारा और कहानी यार मत पूछो
— Sandeep dabral 'sendy'
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