जब तलक एहसास ज़िंदा है
तब तलक ये आस ज़िंदा है
है समंदर पे नज़र अपनी
आज भी वो प्यास ज़िंदा है
एकतरफ़ा ही रहूँगा मैं
प्यार पर विश्वास ज़िंदा है
कृष्ण की हर सीख है ज़िंदा
राम का वनवास ज़िंदा है
फूल जो तूने दिया था वो
आज तक है पास, ज़िंदा है
क्या मुसीबत आएगी मुझपे
यार अपना ख़ास ज़िंदा है
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