achha batao aur kaisi chal rahi hai zindagi | अच्छा बताओ और कैसी चल रही है ज़िन्दगी

  - Sarvjeet Singh

अच्छा बताओ और कैसी चल रही है ज़िन्दगी
जो चाहिए थी क्या तुम्हें वो मिल रही है हर ख़ुशी

तेरे सिवा मैनें तो कुछ भी और सोचा ही नहीं
बीते दिनों में क्या तुझे भी याद आई थी मिरी


अब रूठ कर जाते कहाँ फिर पास तेरे आ गए

तुझ से हमारी दोस्ती तुझ से हमारी दुश्मनी
तुमको कहा है ना कि अब बस याद मत आओ मुझे

कितनी दफ़ा तुमको मना करना पड़ेगा फिर वही
बातें वो जो मुझको कभी अच्छी न लगती थी तिरी

मैं सब सुनूँगा ग़ौर से बस बात करने आ कभी
अब आ गए हैं तो ज़रा कुछ दिन ठहर कर देख लें

शायद किसी के दिल को भा जाए हमारी शायरी

  - Sarvjeet Singh

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