वो बचपन या बुजुर्गों की वो बैठक भूल मत जाना
सुनो तुम गाँव की मिट्टी अचानक भूल मत जाना
ये मुमकिन है वो शायद आज तक मतलब न समझी हो
कहा था मैंने जब शादी मुबारक, भूल मत जाना
था उसका ध्यान सारा मुझको हाल-ए-दिल सुनाने में
सो अब कहना पड़ा चाय में अदरक भूल मत जाना
नवाज़े जब ख़ुदा तुमको ज़माने भर की दौलत से
'सदफ़' मिट्टी की वो छोटी सी गुल्लक भूल मत जाना
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