शख़्स वो मुझ सेे दूर जाएगा
टूट मेरा ग़ुरूर जाएगा
वो जुदा होगा बेवजह और फिर
मेरे सर सब क़ुसूर जाएगा
लाख हो बंदिशें मगर मजनू
तुझ से मिलने ज़रूर जाएगा
देर तक इंतिज़ार से ऐ दोस्त
ख़त्म मेरा सुबूर जाएगा
बेहतर है सईद मर जाएँ
और जिए तो वफ़ूर जाएगा
— Sayeed Khan















