जुदा मुझ सेे तुझे होने नहीं दूँगा
मैं तेरा प्यार अब खोने नहीं दूँगा
मैं हँस लूँगा हमेशा साथ में तेरे
मगर तुझ को कभी रोने नहीं दूँगा
जगह तेरी रहेगी बीच में दिल के
किसी के आने से कोने नहीं दूँगा
क़सम तेरी, तुझे जो भी सताएगा
उसे मैं रात-भर सोने नहीं दूँगा
— Sahil Verma















