गुलों की ख़ुशबू से महकी अदा हूँ मैंयूँ काँटों में बिखर के आम हो जाऊँवफ़ादारी मोहब्बत में निभा ले तूबड़ी शिद्दत से मैं बदनाम हो जाऊँ— Saba Rao