तू जो अगर हमारा होता
सब कुछ कितना प्यारा होता
तुझ से न हम लगाते दिल को
न ग़म ने हम को मारा होता
क्यूँ रोते हो उस के ख़ातिर
क्या वो कभी तुम्हारा होता
— Shahanwaz Ansari
सब कुछ कितना प्यारा होता
तुझ से न हम लगाते दिल को
न ग़म ने हम को मारा होता
क्यूँ रोते हो उस के ख़ातिर
क्या वो कभी तुम्हारा होता
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