naam lekar vo kisi ka dil jalane lag gaya | नाम लेकर वो किसी का दिल जलाने लग गया

  - karan singh rajput

नाम लेकर वो किसी का दिल जलाने लग गया
मुझ सेे भी अच्छा है वो मुझको बताने लग गया

पर्ची मैंने दी, मगर उसकी सहेली को मिली
मैंने समझा तीर मेरा अब निशाने लग गया

बोझ हल्का हो गया तब इक उठाने वाले का
एक बेटा घर में जब पैसे कमाने लग गया

के तुम्हारे साथ जो जैसा करे, वैसा करो
हाथ जोड़े उसने मैं भी सर झुकाने लग गया

कल तलक जो पेड़ नफरत के उगाता फिरता था
तुझको देखा, 'इश्क़ के पौधे उगाने लग गया

  - karan singh rajput

Nafrat Shayari

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