गुनहगार हूँ मैं जो तुझे यूँँ पुकारा थामुझे वहम था वो शख़्स सारा हमारा थामुझे अब हँसी आती है हालात पर तेरेउसे जीतने को कैसे लोगों से हारा था— Shivam Prajapati