चिंगारी से दीप जलाया जा सकता है
रफ़्ता रफ़्ता प्यार बढ़ाया जा सकता है
सब से पहले रूह को उस की छू लेना तुम
तब जा कर ही हाथ लगाया जा सकता है
देखा इक मासूम सा चेहरा तो ये जाना
इक पल में ही यार मनाया जा सकता है
पहरेदारी दिल पर चाहे जितनी भी हो
एक इशारे से भी चुराया जा सकता है
मय-ख़ाने में जाना छोड़ा जब से ये जाना
आँखों से भी जाम पिलाया जा सकता है
मीरा राधा दुर्गा सबका अंश है लड़की
उस के आगे शीश झुकाया जा सकता है
— Shivam Rathore















