कर हिफ़ाज़त दिल की वरना टूटना है
खो गई चाबी तो ताला टूटना है
आइने को दुख नहीं है टूटने का
काम उस का सच दिखाना टूटना है
इश्क़ की बस्ती कहाँ है मुफ़लिसों की
इक न इक दिन घर हमारा टूटना है
हर किसी को अपना कहने का भरोसा
देखना तुम ये भरोसा टूटना है
तुम करो तो हम करेंगे बात कोई
ऐसे तो हर एक रिश्ता टूटना है
माँग लूँ मैं आसमाँ में देख लेकिन
जानता हूँ अब न तारा टूटना है
— Shivam Rathore















