"आख़िरी मोहब्बत"
तू आख़िरी मोहब्बत है मेरी
तेरे बा'द कोई ख़्वाहिश नहीं
वक़्त थम जाए बस इस लम्हे में
और कोई दरकार नहीं
तेरे बिना सब सूना है
तेरे साथ सब पूरा
ख़्वाबों में तेरी परछाईं
हक़ीक़त में तू मंज़िल
मेरे दिल की हर इक धड़कन
तेरे नाम की हाज़िरी है
पहली मोहब्बत में थे ख़्वाब बहुत
आख़िरी में सच्चाई है
पहली में थी मासूमियत शायद
आख़िरी में गहराई है
तू वो किताब है
जिस के हर पन्ने पे मैं बिखरा हूँ
जिस
में ख़ुद को बार-बार ढूँढा
तू वो पन्ना है जो मुड़ा नहीं कभी
तू आख़िरी मोहब्बत है
अब और कुछ माँगा नहीं मैं ने
तेरी हँसी में है एक सुकून
तेरे आँसुओं में मेरी दुआ
तेरे नाम में खोया हुआ
तेरे प्यार में पाया ख़ुदा
तू आख़िरी मोहब्बत है मेरी
तेरे बा'द कोई ख़्वाहिश नहीं
जिस दिन भी ख़त्म हो जाएँ साँसें
तू मेरे साथ हो यही आरज़ू है मेरी















